मंगलवार, 17 नवंबर 2009

उद्धव सुनो! कबे फुके ऐसे राज की होरी

जय मराठा, जय मराठी और हिंदी ????????

ना मराठी इन की बाप की बपोती हैना हिन्दी कुछ दोगलो की रखेल है कोई तों इन दोगलो से कहे की राखी सावंत तुम्हारे ही घर की बेटी थी क्यों ना सभाल पाए और अब जब की वाला साहेब ठीक से उठ-बैठ नहीं पते हैतों समाना मे सम्पदयाकी और आर्टिकल कोन लिख रहा होगा,कोई पूछे तों राज और उद्धव ठकारे से बेटा- बेटी और वीबी किस भाषा मे पडी लिखी है कुत्ते की भोक और शेर की दहाड़ मे अंतर होता है मेरे दोस्त ....................
जय रहे मराठा, अमर रहे मराठी बोली
हिंदी बिंदी वाणी रहे ,सुनो हरवोलन की बोली
जाने किके जाये तुम, जाने किन की बोली
सबरी गुईया (भाषा)मिल जुल कहे
उद्धव सुनो! कबे फुके ऐसे राज की होरी
हरबोला जू कह रहे,हर-हर बम-बम बोली

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